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अंबिकापुर

कब्रिस्तान में हुई विशेष प्रार्थना सभा

Dainik Editor • 03 नवंबर 2026
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कब्रिस्तान में हुई विशेष प्रार्थना सभा

दिवंगत परिजनों की आत्मा की शांति के लिए समुदाय ने की अरदास

अंबिकापुर, 2 नवंबर 2026। रोमन कैथोलिक समुदाय द्वारा सोमवार को मृतकों की आत्मा की शांति के लिए कब्रिस्तान में विशेष पूजा एवं प्रार्थना समारोह का आयोजन किया गया। प्रतिवर्ष 2 नवंबर को मनाए जाने वाले इस विशेष अवसर पर समुदाय के लोगों ने अपने दिवंगत परिजनों और पूर्वजों को श्रद्धापूर्वक याद किया तथा उनकी आत्मा की अनंत शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान चालू वर्ष में दिवंगत हुए समुदाय के सदस्यों (पचबालार) की संगति में मिलने की धार्मिक रस्म भी अदा की गई। समारोह में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

विशप डॉ. अनोनीस बड़ा की अध्यक्षता में हुआ विशेष समारोह

कब्रिस्तान में आयोजित इस विशेष प्रार्थना समारोह की अध्यक्षता विशप डॉ. अनोनीस बड़ा ने की। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि सामान्य व्यक्ति मृत्यु की घटना से भयभीत होता है, लेकिन ईसाई धर्म की मान्यता के अनुसार मृत्यु अनंत जीवन में प्रवेश की एक आवश्यक प्रक्रिया है।

उन्होंने कहा कि आज हम यहां अपने पूर्वजों की आत्माओं की अनंत शांति के लिए प्रार्थना करने के साथ-साथ स्वयं के अनंत जीवन में प्रवेश की अच्छी तैयारी करने के उद्देश्य से एकत्रित हुए हैं। यह अवसर हमें जीवन की वास्तविकता, अपने कर्मों और ईश्वर के प्रति विश्वास पर चिंतन करने का संदेश देता है।

पूर्वजों को याद कर श्रद्धालुओं ने की विशेष प्रार्थना

समुदाय की मान्यता के अनुसार पूर्वजों की आत्माएं अपने जीवित वंशजों को सुरक्षा प्रदान करने और उन्हें विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसी विश्वास के साथ श्रद्धालुओं ने अपने दिवंगत परिजनों और पूर्वजों को याद कर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके लिए विशेष प्रार्थनाएं कीं।

समारोह में सह-अनुष्ठाताओं के रूप में फादर ग्रेगोरी, अलेक्स एक्का, अजय बरवा, ज्ञान प्रकाश और प्रदीप एक्का शामिल रहे।

इस अवसर पर समुदाय के प्रमुख लोगों में फ्रांसिस कस्केट्टा, जगजीत मिंज, राजेन्द्र तिग्गा, जोसेफ किण्डो, डेविड एक्का, फिरमा और मंजेरेल्ला लकड़ा सहित बड़ी संख्या में समाजजन एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

मृत्यु के बाद पुनर्जीवन और कर्मों के अनुसार फल की मान्यता

समारोह के दौरान मृत्यु के बाद मनुष्य की आत्मा की स्थिति को लेकर कैथोलिक धर्म की मान्यताओं पर भी प्रकाश डाला गया। विश्वास के सिद्धांत के अनुसार मनुष्य की सृष्टि ईश्वर का सान्निध्य प्राप्त करने के लिए हुई है, लेकिन उसे अपने आचरण और कर्मों के चयन की स्वतंत्रता भी दी गई है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार मृत्यु के पश्चात मनुष्य को उसके कर्मों के अनुरूप फल प्राप्त होता है। साथ ही यह विश्वास भी व्यक्त किया जाता है कि एक दिन संसार का अंत होगा और सभी मृतकों को पुनर्जीवन मिलेगा तथा उनके कर्मों के अनुसार उन्हें फल की प्राप्ति होगी।

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