अंबिकापुर। विजयादशमी उत्सव एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार को अंबिकापुर नगर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों द्वारा भव्य एवं अनुशासित पथ संचलन निकाला गया। मायापुर बस्ती एवं महामाया बस्ती के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने घोष की धुन पर कदमताल करते हुए अनुशासन, संगठन और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया। नगर के विभिन्न मार्गों पर नागरिकों एवं सामाजिक संगठनों ने पुष्पवर्षा कर पथ संचलन का आत्मीय स्वागत किया। सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज ने भी पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का अभिनंदन एवं उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक विधि-विधान के साथ शस्त्र पूजन एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके पश्चात मल्टीपरपज हाई स्कूल मैदान से पथ संचलन प्रारंभ हुआ, जो महामाया चौक, पंचदेव मंदिर, चांदनी चौक एवं थाना रोड सहित नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः मल्टीपरपज मैदान पहुंचकर संपन्न हुआ। पूरे मार्ग में स्वयंसेवकों की अनुशासित कदमताल और घोष की धुन आकर्षण का केंद्र रही।
पंच परिवर्तन और सामाजिक समरसता पर दिया संदेश
पथ संचलन के समापन अवसर पर आयोजित बौद्धिक सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में संघ प्रचारक एवं धर्म जागरण के विभाग संगठन मंत्री दीपक राम ने स्वयंसेवकों एवं उपस्थित नागरिकों को संबोधित किया। उन्होंने राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता और संघ के पंच परिवर्तन की अवधारणा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक एवं व्यक्तिगत जिम्मेदारी बताते हुए जल संरक्षण, पौधारोपण और पॉलीथिन के उपयोग से बचने का आह्वान किया।
उन्होंने संघ की सौ वर्ष की यात्रा का उल्लेख करते हुए स्वदेशी, स्वभाषा और सामाजिक समरसता को दैनिक जीवन में अपनाने की आवश्यकता बताई। साथ ही समाज को विभिन्न प्रकार की चुनौतियों एवं कथित राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। उन्होंने आगामी दीपावली को आपसी सद्भाव, समरसता और दीपावली मिलन के माध्यम से समाज को जोड़ने वाले उत्सव के रूप में मनाने की अपील की।
विभिन्न दायित्वों का हुआ निर्वहन
कार्यक्रम में मायापुर बस्ती प्रमुख रघुनंदन सोनी, गुरु गोविंद सिंह शाखा के शाखा कार्यवाह अशोक पांडेय, मुख्य शिक्षक राजेश केशरी, महामाया बस्ती कार्यवाह सुधीर सिंह, महामाया बस्ती पालक आदित्य गुप्ता एवं ध्वज वाहक लक्ष्मण गुप्ता सहित मंडल एवं रेखांकन व्यवस्था में धनंजय वर्मा ने सक्रिय भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के दौरान अंचल दुबे ने सुभाषित एवं एकल गीत प्रस्तुत किया। अमृत वचन का पाठ पांडेय जी द्वारा किया गया तथा सार्थक गर्ग ने प्रार्थना कराई। आयोजन में नगर के वरिष्ठ एवं प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों की सहभागिता रही। पथ संचलन के दौरान जगह-जगह हुई पुष्पवर्षा ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।