महासमुंद। जिले के बसना थाना क्षेत्र अंतर्गत भंवरपुर चौकी के मुड़ीडीह स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में कक्षा चौथी के छात्र की मौत हो गई। स्कूल परिसर में पेड़ पर बंधी साड़ी के झूले पर खेलते समय छात्र का पैर फिसल गया। संतुलन बिगड़ने से साड़ी उसके गले में लिपट गई और फंदे की तरह कस गई। हादसा इतना अचानक हुआ कि आसपास मौजूद बच्चे कुछ समझ पाते, उससे पहले ही मासूम की जान चली गई।
सुबह स्कूल पहुंचे थे करीब दस बच्चे
मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे स्कूल परिसर में लगभग दस बच्चे पहुंचे थे। परिसर में स्थित एक पेड़ पर साड़ी बांधकर झूला बनाया गया था, जिस पर बच्चे बारी-बारी से खेल रहे थे। इसी दौरान चौथी कक्षा का छात्र झूला झूल रहा था। अचानक उसका पैर फिसला और संतुलन बिगड़ने से साड़ी उसके गले में फंस गई। गले में फंदा कसने से छात्र की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे के वक्त शिक्षकों की मौजूदगी पर सवाल
घटना के समय स्कूल में किसी शिक्षक के मौजूद नहीं होने की जानकारी सामने आई है। यदि इसकी पुष्टि होती है, तो यह स्कूल में बच्चों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्कूल परिसर में छोटे बच्चों के लिए खेलकूद की सुरक्षित व्यवस्था और उनकी देखरेख की जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
मासूम की मौत से गांव में शोक
स्कूल परिसर में हुए इस हादसे से गांव में शोक का माहौल है। जिस उम्र में बच्चे खेलते-कूदते हुए पढ़ाई और बचपन के दिन बिताते हैं, उस उम्र में एक परिवार ने अपना बच्चा खो दिया। यह घटना स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और जिम्मेदार निगरानी की अहमियत को फिर सामने लाती है।
स्कूल प्रबंधन की जवाबदेही की जांच जरूरी
इस हादसे के बाद यह स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि स्कूल खुलने के समय शिक्षक क्यों मौजूद नहीं थे, बच्चों की निगरानी की क्या व्यवस्था थी और परिसर में पेड़ पर साड़ी का झूला किसने बांधा था। इन बिंदुओं पर संबंधित विभाग की जांच से ही जिम्मेदारी और घटना की पूरी परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
बड़ा सवाल: जब स्कूल परिसर में बच्चे मौजूद थे, तो उनकी सुरक्षा और निगरानी की जिम्मेदारी कौन निभा रहा था? मुड़ीडीह की यह घटना स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत को रेखांकित करती है।