बीजापुर। बस्तर में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबलों को एक और बड़ी सफलता मिली है। बीजापुर जिले के उसूर थाना क्षेत्र में चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान जवानों ने माओवादियों द्वारा जमीन के नीचे छिपाकर रखा गया विस्फोटक और इलेक्ट्रॉनिक सामग्री का डंप बरामद किया है। इस डंप से कुल 955 डेटोनेटर मिले हैं, जिनमें 455 इलेक्ट्रिक और 500 नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर शामिल हैं। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और नक्सली साहित्य भी बरामद किया गया है। इस कार्रवाई को जिला बल और 204 कोबरा बटालियन की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया।
खुफिया इनपुट पर पुजारीकांकेर में चला सर्च ऑपरेशन
बीजापुर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 204 कोबरा बटालियन की आसूचना शाखा से उसूर क्षेत्र में माओवादियों द्वारा विस्फोटक सामग्री छिपाकर रखे जाने की सूचना मिली थी। इस इनपुट के आधार पर सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने 6 नवंबर 2026 को पुजारीकांकेर क्षेत्र में सर्चिंग अभियान शुरू किया।
अभियान के दौरान पुजारीकांकेर के दक्षिण-पूर्व दिशा में जंगल के भीतर जमीन के नीचे छिपाकर रखा गया संदिग्ध डंप मिला। जवानों ने मौके पर तलाशी ली तो वहां बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए। बरामदगी के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की सतर्कता से जांच की।
955 डेटोनेटर समेत इलेक्ट्रॉनिक सामग्री जब्त
सर्च ऑपरेशन के दौरान बरामद सामग्री में 455 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर और 500 नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर शामिल हैं। इसके अलावा 1 रिले कंट्रोल सर्किट बोर्ड, 1 स्नैप हुक और नक्सल साहित्य भी मिला है।
जमीन के नीचे इतनी बड़ी संख्या में डेटोनेटर छिपाकर रखा जाना सुरक्षा बलों के लिए गंभीर चुनौती हो सकता था। समय रहते डंप का पता लगने से विस्फोटक सामग्री को जब्त कर लिया गया और उसके संभावित इस्तेमाल को रोकने में सफलता मिली।
पुलिस ने जब्त की सामग्री, आगे की कार्रवाई जारी
बीजापुर पुलिस के अनुसार, बरामद विस्फोटक और अन्य सामग्री को थाना उसूर पुलिस द्वारा विधिवत जब्त कर लिया गया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस संयुक्त अभियान को बस्तर क्षेत्र में जारी नक्सल विरोधी कार्रवाई के लिहाज से महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
गौरतलब है कि बस्तर में नक्सल विरोधी अभियानों के तहत सुरक्षा बल लगातार अंदरूनी और दुर्गम इलाकों में सर्चिंग अभियान चला रहे हैं। ऐसे अभियानों का उद्देश्य नक्सलियों के छिपे ठिकानों, हथियारों और विस्फोटक डंप का पता लगाकर उनके नेटवर्क को कमजोर करना है।