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नक्सलवाद से विकास की ओर बढ़ता बस्तर, छत्तीसगढ़ की बदली पहचान: साय

Dainik Editor • 02 नवंबर 2026
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नक्सलवाद से विकास की ओर बढ़ता बस्तर, छत्तीसगढ़ की बदली पहचान: साय

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में शांति, विश्वास और जनजातीय उत्थान को मिली नई गति।

रायपुर, 01 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रदेशवासियों के नाम भेजे गए आत्मीय शुभकामना संदेश ने राज्य की राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल के बीच एक विशेष महत्व हासिल किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री के पत्र और शुभकामनाओं के लिए प्रदेश के तीन करोड़ नागरिकों की ओर से हृदय से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का स्नेह, विश्वास और मार्गदर्शन छत्तीसगढ़ के लिए गौरव के साथ-साथ विकसित और समृद्ध प्रदेश बनाने की दिशा में नई प्रेरणा है।

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को भेजे अपने आभार पत्र में कहा कि छत्तीसगढ़ की माटी, यहां की मेहनतकश जनता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रति प्रधानमंत्री का जुड़ाव प्रदेशवासियों के लिए भावनात्मक महत्व रखता है। उन्होंने अविभाजित मध्यप्रदेश के समय से लेकर सरगुजा के वनांचलों और बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों तक प्रधानमंत्री की यात्राओं और अनुभवों के उल्लेख को प्रदेश के प्रति उनकी आत्मीयता का प्रतीक बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष राज्य की रजत जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री का छत्तीसगढ़ आगमन और नवीन विधानसभा भवन का लोकार्पण प्रदेश की विकास यात्रा की ऐतिहासिक उपलब्धियों में शामिल है।

अटल जी के सपनों का छत्तीसगढ़ बनाने का संकल्प

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण कर प्रदेशवासियों की दशकों पुरानी आकांक्षाओं को पूरा किया था। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में समृद्ध, सशक्त और विकसित छत्तीसगढ़ का सपना साकार करना राज्य सरकार की प्राथमिकता और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि सरकार सुशासन, जनकल्याण और विकास को आधार बनाकर प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

नक्सलवाद पर सफलता से बदल रही बस्तर की तस्वीर

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के पत्र में नक्सलवाद के विरुद्ध मिली सफलता और बस्तर में आए बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री के दृढ़ संकल्प, सुरक्षा बलों के साहस और स्थानीय जनता के सहयोग का परिणाम है। कभी नक्सल हिंसा के कारण पहचान बनाने वाला बस्तर अब शांति, विश्वास और विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने बताया कि नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से दूरस्थ गांवों तक सड़क, बिजली, पेयजल, संचार और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। प्रधानमंत्री जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान से जनजातीय क्षेत्रों में विकास को गति मिली है। वहीं बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों से स्थानीय युवाओं की प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।

सरकार का लक्ष्य बस्तर को उसकी समृद्ध संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य के साथ पर्यटन, खेल और उद्यमिता के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है।

किसानों और महिलाओं के कल्याण को मिली नई मजबूती

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में जनकल्याण और अंत्योदय की भावना को मजबूत किया जा रहा है। प्रदेश के 25 लाख से अधिक धान उत्पादक किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी का लाभ मिल रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और प्रधानमंत्री धनधान्य कृषि योजना के माध्यम से किसानों की आर्थिक स्थिति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के लगभग 73 लाख जरूरतमंद परिवारों को निःशुल्क राशन दिया जा रहा है। 22 लाख से अधिक गरीब परिवारों को पक्के आवास का लाभ मिला है। जल जीवन मिशन के तहत 41 लाख से अधिक ग्रामीण घरों तक नल से जल की सुविधा पहुंची है। वहीं लगभग 40 लाख परिवारों को रसोई गैस कनेक्शन और करीब ढाई करोड़ आयुष्मान कार्ड के माध्यम से स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत लगभग 68 लाख माताओं और बहनों को हर महीने एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे महिलाओं के स्वावलंबन और आत्मसम्मान को मजबूती मिल रही है।

सड़क, रेल और हवाई नेटवर्क से खुलेंगे विकास के नए रास्ते

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आधुनिक अधोसंरचना के विस्तार से निवेश और रोजगार की संभावनाएं बढ़ रही हैं। रायपुर-बिलासपुर फोरलेन से आवागमन सुगम हुआ है, वहीं रायपुर-विशाखापत्तनम और रांची-धनबाद जैसे प्रमुख आर्थिक केंद्रों को जोड़ने वाली सड़क परियोजनाएं प्रदेश के विकास को नई दिशा देंगी।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाएं संचालित हैं। वंदे भारत और अमृत भारत जैसी आधुनिक रेल सेवाओं के साथ चार हवाई अड्डों का नेटवर्क आवागमन, व्यापार और निवेश के अवसरों को विस्तार दे रहा है।

सांस्कृतिक विरासत के साथ आधुनिक तकनीक की ओर बढ़ता प्रदेश

मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को प्रदेश की पहचान बताते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम का ननिहाल, माता शबरी की पावन भूमि और संत शिरोमणि गुरु घासीदास बाबा की जन्मभूमि होने का गौरव छत्तीसगढ़ को विशिष्ट बनाता है।

कबीरपंथ की समतामूलक परंपरा, तीजन बाई की पंडवानी, लोककलाओं और जनजातीय संस्कृति को संरक्षित करते हुए प्रदेश आधुनिक तकनीक की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के इंडिया एआई मिशन और सेमीकंडक्टर मिशन से प्रेरणा लेकर नवा रायपुर को आधुनिक तकनीक और डिजिटल नवाचार के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। स्टील, एल्युमिनियम, आईटी, फार्मा, टेक्सटाइल और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में पर्यावरण अनुकूल औद्योगिक विकास को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

एम्स, आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपल आईटी और निफ्ट जैसे प्रतिष्ठित संस्थान प्रदेश के युवाओं को उच्च शिक्षा और बेहतर भविष्य के अवसर उपलब्ध करा रहे हैं। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ी, गोंडी, हल्बी और सरगुजिहा जैसी स्थानीय भाषाओं में प्रारंभिक शिक्षा को बढ़ावा देकर नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने की पहल की जा रही है।

विकसित भारत @2047 में छत्तीसगढ़ की होगी अहम भूमिका

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के राष्ट्रीय संकल्प में छत्तीसगढ़ की भूमिका और प्रदेश के 'अंजोर विजन' के प्रति जो विश्वास जताया है, वह राज्य सरकार के लिए प्रेरणादायक है। विकसित भारत @2047 के लक्ष्य के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए सरकार ने स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है।

उन्होंने संत गुरु घासीदास बाबा के संदेश 'मनखे-मनखे एक समान' और प्रधानमंत्री के 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निरंतर मार्गदर्शन और प्रदेश के तीन करोड़ नागरिकों की सहभागिता से छत्तीसगढ़ समृद्धि, सुशासन और विकास की नई ऊंचाइयों को हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के सपनों के सशक्त और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करती रहेगी तथा विकसित भारत के संकल्प में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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